Sushma Swaraj Biography In Hindi | Sushma Swaraj Jivani

सुषमा स्वराज का जीवन परिचय , Sushma Swaraj Biography In Hindi.

श्रीमती सुषमा स्वराज जी के बारे में पूरी जानकारी आज की पोस्ट में हम आपको देंगे।

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हुआ था यह भारतीय राजनीतिज्ञ और सुप्रीम कोर्ट की बहुत ही वक़ील रही थी।

Sushma Swaraj Biography In Hindi

भारत के पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 67 साल की उम्र (Sushma Swaraj AGE) में निधन हो गया।

उन्होंने 6 अगस्त 2019 की रात एम्स में आखिरी सांस लीन।

स्वराज को दिल का दौरा पड़ने पर रात के 10 बजकर 20 मिनट पर एम्स में भर्ती कराया गया था उन्हें सीधे इमरजेंसी बोर्ड में ले जाया गया था।

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 में हरियाणा के अंबाला छावनी में हुआ था। 

उन्होंने अंबाला के सनातन धर्म कॉलेज से संस्कृत तथा राजनीति विज्ञान में स्नातक किया।

1970 में उन्हें अपने कॉलेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के सम्मान से सम्मानित किया गया था

वे 3 साल तक लगातार एसडी कॉलेज छावनी की एनसीसी की सर्वश्रेष्ठ केडेट और 3 साल तक राज्य के श्रेष्ठ वक्ता भी चुनी गई।

इसके बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से कानून की शिक्षा प्राप्त की।

पंजाब विश्वविद्यालय से भी उन्हें 1973 में सर्वोच्च वक्ता का सम्मान मिला था।

1973 में ही स्वराज भारतीय सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के पद पर कार्य करने लगी।

13 जुलाई 1975 को उनका विवाह स्वराज कौशल के साथ हुआ जो सर्वोच्च न्यायालय में उनके सहकर्मी और साथी अधिवक्ता थे।

कौशल बाद में 6 साल तक राज्यसभा में सांसद रहे और इसके अतिरिक्त वे मिजोरम प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं।

Sushma Swaraj Biography In Hindi

स्वराज दंपति की एक पुत्री है बांसुरी, जो लंदन के इनर टेंपल में वकालत कर रही हैं।

70 के दशक में सुषमा स्वराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गई थी।

उनके पति स्वराज कौशल सोशलिस्ट नेता जॉर्ज फर्नांडिस के करीबी थे। 

और इस कारण ही वे भी 1975 में जॉर्ज फर्नांडिस की विधिक टीम का हिस्सा बन गई।

आपातकाल के समय उन्होंने जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

आपातकाल की समाप्ति के बाद वह जनता पार्टी की सदस्य बन गई।

1977 में उन्होंने अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से हरियाणा विधानसभा के लिए विधायक का चुनाव जीता। 

और चौधरी देवी लाल की सरकार में 1970 से 79 के बीच राज्य की श्रम मंत्री रह कर। 

25 साल की आयु में कैबिनेट मंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया था।

1979 में 27 वर्ष की स्वराज हरियाणा राज्य में जनता पार्टी की राज्य अध्यक्ष बनी।

80 के दशक में भारतीय जनता पार्टी के गठन पर वह भी इसमें शामिल हो गई।

इसके बाद 1987 से 1990 तक पुण: वह अंबाला छावनी से विधायक रही और भाजपा लोकदल सयुंक्त सरकार में शिक्षा मंत्री रही।

अप्रैल 1990 में उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया, जहां वे 1996 तक रही।

1996 में उन्होंने दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीता और 13 दिन की वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री रही।

मार्च 1998 में उन्होंने दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर चुनाव जीता।

इस बार फिर से उन्होंने वाजपेयी सरकार में दूरसंचार मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में शपथ ली।

सुषमा स्वराज की जीवनी

19 मार्च 1998 से 12 अक्टूबर 1998 तक इस पद पर रही।

इस अवधि के दौरान उनका सबसे उल्लेखनीय निर्णय फिल्म उद्योग को एक उद्योग के रूप में घोषित करना था। 

जिससे कि भारतीय फिल्म उद्योग को भी बैंक से कर्ज मिल सकता था

अक्टूबर 1998 में उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और 12 अक्टूबर 1998 को दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।

हालांकि, 3 दिसंबर 1998 को उन्होंने अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। और राष्ट्रीय राजनीति वापस लौट आई।

सितंबर 1999 में उन्होंने कर्नाटक के बेल्लारी वाचन क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के विरुद्ध चुनाव लड़ा।

अपने चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने स्थानीय कन्नड़ भाषा में ही सार्वजनिक बैठकों को संबोधित किया था।

हालांकि वह 7% के मार्जिन से चुनाव हार गई।

अप्रैल 2000 में उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्य के रूप में ससंद में वापस लौट आई।

9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश के विभाजन पर उन्हें उत्तराखंड में स्थानांतरित कर दिया गया।

उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में फिर से चुनाव सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में शामिल किया गया था,

जिस पद पर वह सितंबर 2000 से जनवरी 2003 तक रही।

2003 में उन्हें स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और ससंदीय मामलों में मंत्री बनाया गया और मई 2004 में राज्य की हार तक में केंद्रीय मंत्री रही।

अप्रैल 2006 में स्वराज्य को मध्य प्रदेश राज्य से राज्यसभा में तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से निर्वाचित किया गया।

इसके बाद 2009 में उन्होंने मध्य प्रदेश के विदिशा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 400000 से अधिक मतों से जीत हासिल की।

सुषमा स्वराज विपक्ष के नेता बनी

21 दिसंबर 2009 को लाल कृष्ण आडवाणी की जगह 15वीं लोकसभा में सुषमा स्वराज विपक्ष के नेता बनी।

 ओर मई 2014 मैं भाजपा की विजय तक वह इसी पद पर आसीन रहीं।

साल 2014 में वे विदिशा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से द्वारा लोकसभा की सांसद निर्वाचित हुई। 

और उन्हें भारत की पहली महिला विदेश मंत्री होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

भाजपा में राष्ट्रीय मंत्री बनने वाली पहली महिला सुषमा के नाम पर कई रिकार्ड दर्ज है भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने वाली पहली महिला थी।

वे कैबिनेट मंत्री बनने वाली भी भाजपा की पहली महिला थी

वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रही और भारत की ससंद में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी रही।

ये भी पढ़े
  1. B R Ambedkar Short Biography | डॉ. अंबेडकर जीवन परिचय
  2. Razia Sajjad Zaheer Biography in Hindi | जीवन परिचय
  3. Vishnu Khare Biography In Hindi | Vishnu Khare Parichay
  4. Dharamvir Bharati Biography In Hindi | धर्मवीर भारती
  5. Phanishwar Nath Renu Biography In Hindi | फणीश्वर नाथ
  6. Jainendra Kumar Biography In Hindi | जैनेंद्र कुमार परिचय

दोस्तों आपको Sushma Swaraj Biography In Hindi | सुषमा स्वराज की जीवनी ये पोस्ट कैसी लगी।

नीचे Comment box में Comment करके अपने विचार हमसे अवश्य साझा करें।

और आपका 1 कमेंट हमें लिखने को  प्रोत्साहित करता और हमारा जोश बढ़ाता है।

 हमें बहुत ख़ुशी होगी। इस Post को अपने दोस्तों के साथ Share ज़रूर करें।

जैसे की Facebook, Twitter, linkedin और Pinterest इत्यादि। 

गर आपके पास कोई लेख है तो

आप हमें Send कर सकते है।

हमारी Email id: helpbookk@gmail.com है।

Right Side में जो Bell Show हो रही है।

उसे Subscribe कर लें। ताकि आपको समय-समय पर Update मिलता रहे।

Thanks For Reading

Leave a Comment