Janmashtami Kya Hai | Janmashtami Katha in hindi

श्री कृष्ण जन्माष्टमी क्या है और उसकी पूरी कथा जानेंगे, Janmashtami Kya Hai , Janmashtami Katha in hindi.

उत्सव और पर्व देश में समय-समय पर मनाए जाते हैं। इनमें अमीर गरीब व छोटे बड़े सभी वर्गों के लोग भाग लेते हैं।

उत्सव हमारे मन में सरस्ता, कोमलता, करुणा, अतिथि सेवा तथा परोपकार की भावनाए उत्पन्न करते हैं।

वस्तुत: यह उत्सव मानव मस्तिष्क के समुचित विकास के लिए भी आवश्यक है। भारत जैसे देश में तो इनका विशेष महत्व है।

प्रत्येक ऋतु कोई न कोई उत्सव या पर्व अपने साथ अवश्य लाती है।

वहां आनंद और प्रसन्नता का संचार भी होता है।

बच्चे तो इन उत्सवों के अफसरों पर अत्यधिक प्रसन्न दिखाई देते हैं।

भारतीय त्योहार भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। उन्होंने हमारी संस्कृति को अजर – अमर बनाया है।

यह पर्व हमें सत्य, अहिंसा, परोपकार, सहनशीलता, एकता व भाईचारे का संदेश देते हैं।

Janmashtami Kya Hai

Shree Krishan Janmashtami

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रात के 12:00 बजे मथुरा के राजा कंस की जेल में वासुदेव जी की पत्नी देवकी के गर्भ से सोलह कलाओं से युक्त भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इस तिथि को रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व है इस दिन देश के समस्त मंदिरों का सिंगार किया जाता है।

कृष्ण अवतार के उपलक्ष में झांकियां सजाई जाती हैं। भगवान कृष्ण का सिंगार करके झूला सजाया जाता है

स्त्री-पुरुष रात के 12:00 बजे तक व्रत रखते हैं। रात को 12:00 बजे शँख तथा घंटों की आवाज से श्री कृष्ण के जन्म की खबरें चारों दिशाओं में गूंज उठती है। भगवान कृष्ण की आरती उतारी जाती है। 

और प्रसाद वितरण किया जाता है प्रसाद ग्रहण कर व्रत को खोला जाता है।

 श्री कृष्ण जन्माष्टमी की कथा  

द्वापर युग में पृथ्वी पर राक्षसो के अत्याचार बढ़ने लगा। पृथ्वी गाय का रूप धारण कर अपनी कथा सुनाने के लिए तथा अपने उद्धार के लिए ब्रह्मा जी के पास गई।

ब्रह्मा जी सभी देवताओं को साथ लेकर पृथ्वी को विष्णु के पास क्षीर सागर ले गए।

उस समय भगवान विष्णु अन्नत शैया पर सायन कर रहे थे। स्तुति करने पर भगवान की निद्रा भंग हो गई।

भगवान ने ब्रह्मा एंव सब देवताओं को देखकर उनके आने का कारण पूछा तो पृथ्वी बोली – भगवान में पाप के बोझ से दबी जा रही हूं।मेरा उद्धार कीजिए। यह सुनकर विष्णु बोले मैं ब्रज मंडल में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से जन्म लूंगा।

तुम सब देवता गण ब्रजभूमि में जाकर यादव वंश में अपना शरीर धारण करो। इतना कहकर भगवान अंतर्ध्यान हो गए।

इसके पश्चात देवता ब्रजमंडल में आकर गोकुल में नंद योशोदा तथा गोप – गोपियों के रूप में पैदा हुए।

द्वापर युग के अंत में मथुरा में उग्रसेन राजा राज्य करते थे। उग्रसेन के पुत्र का नाम कंस का था। 

कंस ने उग्रसेन को बलपूर्वक सिंहासन से उतार कर जेल में डाल दिया। और स्वयं राजा बन गया।

कंस की बहन देवकी का विवाह यादव कुल में बासुदेव के साथ निश्चित हो गया।

जब कंस देवकी को विदा करने के लिए रथ के साथ जा रहा था तो आकाशवाणी हुई। 

कि हे कंस जिस देवकी को तुम बड़े प्रेम से विदा कर रहा है उसका आठवां पुत्र तेरा सहांर करेगा। 

आकाशवाणी की बात सुनकर कंस क्रोध से भरकर देवकी को मारने को तैयार हो गया।

उसने सोचा न देवकी होगी ना उसका कोई पुत्र होगा। 

Essay on janmashtami in hindi language

वासुदेव जी ने कंस को समझाया कि तुम्हें देवकी से तो कोई भय नहीं है। 

देवकी की आठवीं संतान से है इसलिए मैं इस की आठवीं संतान को तुम्हें सौंप दूंगा तुम्हारे समझ में जो आए।उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना कंस ने वासुदेव जी की बात स्वीकार कर ली और वासुदेव देवकी को कारागार में बंद कर दिया। 

तत्काल नारद जी वहां पहुंचे और कांस्य से बोले कि यह कैसे पता चलेगा। 

कि आठवां ग्रह कौन सा होगा। गिनती प्रथम से या अंतिम गर्भ से शुरू होगी कंस ने नारद जी के परामर्श पर देवकी के गर्भ से उत्पन्न होने वाले समस्त बालकों को मारने का निश्चय कर लिया। 

इस प्रकार एक – एक के कंस ने देवकी के सात पुत्रों को निर्दयता पूर्वक मार डाला।

भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में

श्री कृष्ण का जन्म हुआ उनके जन्म लेते ही जेल की कोठरी में प्रकाश फैल गया।

वासुदेव देवकी के सामने शंख चक्र गदा व पदमधारी चतुर्भुज भगवान ने अपना रूप प्रकट कर के कहा अब मैं बालक का रूप धारण करता हूं। तुम मुझे तत्काल गोकुल में नंद के यहां पहुंचा दो और उनकी अभी-अभी जन्मी कन्या को लाकर कंस को सौंप दो। 

तत्काल वासुदेव जी की हथकड़ियां खुल गई दरवाजे अपने आप खुल गए पहरेदार सो गए। 

वासुदेव श्री कृष्ण को टोकरे में भरकर गोकुल को चल दिए।

रास्ते में यमुना श्री कृष्ण के चरणों का स्पर्श करने के लिए बढ़ने लगी। 

भगवान ने अपने पैर लटका दिए चरण छूने के बाद यमुना घट गई। 

janmashtami brata

वासुदेव यमुना पार कर गोकुल में नंद के यहां पहुंच गए। 

बालक कृष्ण को यशोदा जी की बगल में सुला कर कन्या को लेकर वापस कंस के कारागार में आ गए। 

जेल के दरवाजे पूरवत्त बंद हो गए वासुदेव जी के हाथों में हथकड़ियां पड़ गई।

पहरेदार जाग गए कन्या के रोने पर कंस को खबर दी गई। 

कंस ने कारागार में आकर कन्या को लेकर पत्थर पर पटक कर मारना चाहा। 

परंतु वह कंस के हाथ से छूटकर आकाश में उड़ गई और देवी का रूप धारण कर बोली हे कंस मुझे तू क्या मारेगा तुझे मारने वाला तो गोकुल में पहुंच चुका है। यह देखकर कंस हतप्रभ और व्याकुल हो गया कंस ने श्री कृष्ण को मारने के लिए अनेक दैत्य भेजें श्री कृष्ण ने अपनी अलौकिक माया से सारे दैत्यों को मार डाला। 

बड़े होने पर कंस को मार कर उग्रसेन को राजगद्दी पर बैठाया वासुदेव देवकी को कारागार से मुक्त किया। श्री कृष्ण ने गोकुल में रासलीला माखन चोरी की लीला आदि अनेक प्रकार की लीलाएं कर के अंत में अपने परम धाम को पधार गए। 

श्री कृष्ण की पुण्यतिथि को तभी से सारे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कृष्ण जन्म पर झांकियो का प्रदर्शन किया जाता है मंदिरों को सजाकर सारी रात जागरण किया जाता है बधाई गीत गाया जाता है। 

नंद के आनंद भयो ,जय हो नंद लाल की ,हाथी दिनी घोड़ा दिनी
और दिनी पालकी जय हो नंद लाल की जय हो नंद लाल की। 

यशोदा के होयो नंदलाल बधाई सारा भगता न और
सारे भक्त बोले हैप्पी बर्थडे टू यू। 

janmashtami images

Janmashtami Kya Hai

janmashtami images

janmashtami images

» Janmashtami” FAQ ” से Related अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न।

  1. Is today Krishna Jayanthi?

जन्माष्टमी या श्री कृष्ण जयंती को कृष्ण का जन्मदिन मनाया जाता है। गोकुलाष्टमी दक्षिण भारत में बहुत धूम-धाम से मनाई जाती है। … यह त्योहार शाम को मनाया जाता है क्योंकि कृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ था। ज्यादातर लोग इस दिन कड़ा उपवास रखते हैं और आधी रात पूजा के बाद ही भोजन करते हैं।

2. कृष्ण जन्माष्टमी पर हमें क्या करना चाहिए?

लोग भगवान कृष्ण की स्तुति में भजन और भक्ति गीत गाते हैं। देश भर के मंदिरों में लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं। वे धार्मिक उत्सवों में भाग लेते हैं। नृत्य, नाटक और गीत उनके जन्माष्टमी समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

3.Is janmashtami a holiday?

जन्माष्टमी एक हिंदू त्योहार और भारत के कई क्षेत्रों में एक राजपत्रित अवकाश है। … तमिलनाडु में इस अवकाश को श्री कृष्ण जयंती के रूप में जाना जाता है।

4. Who killed Krishna?

महाभारत के अनुसार, यादवों के बीच एक त्योहार पर लड़ाई होती है, जो एक दूसरे को मारते हैं। हिरण के लिए सोते हुए कृष्ण को भूलकर, जारा नामक एक शिकारी एक तीर मारता है जो उसे घायल कर देता है। कृष्ण जरा को क्षमा कर देते हैं और मर जाते हैं।

5.When is Janmashtami 2016 ?

Thursday, 25 August

6. When is Janmashtami in 2017?

Monday, 14 August

7. When is Janmashtami 2018?
Monday, 3 September

8. When is Janmashtami 2019?
Saturday, 24 August

9. When is Janmashtami 2020?
Tuesday, 11 August

Janmashtami ka mahatva in hindi

यह मूल रूप से भगवान कृष्ण में लोगों के विश्वास का प्रतीक है। अन्य प्रमुख हिंदू त्योहार जैसे गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली जन्माष्टमी का पालन करते हैं। जन्माष्टमी का एक प्रमुख महत्व बुराई पर अच्छाई की जीत है। यह लोगों को भी मिलकर रहने की प्रेंरणा देता है और एकता के सिद्धांत का जश्न मनाता है।

पर अब यह त्योहार हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते हैं यह भारतीय संस्कृति के परहरी है पर्व हमें दुराचार भ्रष्टाचार बेकारी को समाप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं पर हमारे जीवन का सहारा है यह हमारे जीवन को अलौकिक करते हैं पर भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। अंत इन पर्वो का महत्व बनाए रखना प्रत्येक भारतवासी का परम कर्तव्य है।

ये भी पढ़े

  1. Essay on Raksha Bandhan In Hindi | Rakhi in hindi 2019
  2. लोहड़ी क्यों मनाई जाती है | lohri festival in hindi
  3. क्रिसमस दिवस एक वार्षिक त्योहार | Christmas festival in hindi
  4. 10 lines on good habits in Hindi | 10 अच्छी आदते

दोस्तों आपको श्री कृष्ण जन्माष्टमी क्या है ये पोस्ट कैसी लगी।

हमें comment करके अपने विचार दे। हमें बहुत ख़ुशी होगी।

और आपका 1 कमेंट हमें लिखने को  प्रोत्साहित करता और हमारा जोश बढ़ाता है। 

इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ Share ज़रूर करें। जैसे की Facebook, Twitter, linkdin और Pinterest इत्यादि। 

आपके पास कोई लेख है तो आप हमें Send कर सकते है। हमारी id: helpbookk@gmail.com

Right, Side में जो Bell Show हो रही है उसे Subscribe कर ले।

ताकि आप को समय समय पर Update मिलता रहे।

Thanks For Reading

Leave a Comment