Breast cancer in Hindi | Breast cancer ka ilaj kaise Kare

Breast cancer in Hindi स्तनों (Stano) के कैंसर को कैसे ठीक करें Breast cancer ka ilaj Kaise Kare.

Breast cancer  in Hindi

Breast Cancer Awareness (जागरूकता) महीने के तौर पर अक्टूबर को माना जाता है।

पुरे विश्व में इस महीने कई तरह के Health Campaign चलाए जा रहे है।

जिसके तहत Breast Cancer के लक्षण पहचानने, जांच, इलाज़ और रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

साथ ही लोगों को Breast कैंसर से जुड़ी कुछ भ्रांतियों और सच्चाइयों के बारे में भी बताया जा रहा है।

कुछ ऐसी ही बातों का जिक्र हम यहां कर रहे है। जो अक्सर लोगों के दिमाग में रहता है।

वो हम Breast Cancer kya hai iske karan lakshan aur upay in hindi

इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम जानने वाले है। 

Breast cancer Kya Hai 

स्तन कैंसर (Breast Cancer) तब शुरू होता है जब स्तन (Breast) में कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर बढ़ने लगती हैं।

ये कोशिकाएं आम तौर पर एक ट्यूमर (Tumor) बनाती हैं जिसे अक्सर एक्स-रे पर देखा जा सकता है।  या एक गांठ के रूप में महसूस किया जा सकता है। Breast Cancer ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलता है। शरीर के लगभग किसी भी हिस्से में कोशिकाएं कैंसर का रूप धारण कर सकती हैं और फिर उस हिस्से से धीरे-धीरे पूरे शरीर में फ़ैल सकती है।

starting of Stan cancer

स्तन कैंसर स्तन के विभिन्न हिस्सों से शुरू हो सकता हैं। ज्यादातर स्तन कैंसर नलिकाओं(Ducts) से शुरू होता है। 

जो निप्पल (Ductal Cancer) तक दूध लेके जाती हैं। कुछ Cases में ग्रंथियों में शुरू होते हैं। 

जो स्तन दूध बनाती (lobular cancers) हैं। हालांकि कई प्रकार के Breast Cancer स्तन में एक गांठ का कारण बन सकते है, सभी में नहीं कुछ-कुछ में। कई स्तन कैंसर Screening Mammograms पर देखे जाते हैं।  ( अक्सर महसूस किए जाने से पहले, और Cancer के लक्षण विकसित होने से पहले ) जो पहले चरण में कैंसर का पता लगाने में सक्षम हैं, स्तन कैंसर के अन्य Lakshan हैं। 

जिन्हें आपको स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सक को दिखाना चाहिए और रिपोर्ट के जरिए पता लगाना चाहिए।

यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि अधिकांश स्तन गांठ मामूली होती हैं और कैंसर नहीं बनाती या बनती है।

गैर-कैंसर स्तन ट्यूमर असामान्य बढ़ते हैं, लेकिन वे स्तन के बाहर फैलते नहीं हैं और वे जीवन को खतरे में नहीं डालते हैं। लेकिन कुछ मामूली(सौम्य) स्तन गांठ स्तन कैंसर होने की एक महिला के जोखिम में वृद्धि कर सकते हैं। स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सक से किसी भी स्तन गांठ या Breast Changes की जांच की करवानी चाहिए। ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सौम्य या घातक (Cancer) है। 

और यदि यह आपके भविष्य के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है तो जल्द से जल्द Treatment करवाना चाहिए।

गांठ से भी होती है स्तन कैंसर की शुरुआत 

लगभग 10 प्रतिशत मामलों में किसी तरह की गांठ, दर्द या अन्य संकेत लक्षण(Symptoms) के तौर पर दिखाई नहीं देते है। इसके अलावा कुछ मामलों में सिस्ट या गैर-कैंसर गांठ (Fibroadenoma) होते है। ऐसे में आवश्यक है। कि स्तन में ऐसा कोई भी बदलाव हो तो शीघ्र ही चिकित्सक से परामर्श लें।

ज्यादातर Breast Cancer की आशंका अधिक उम्र की महिलाओं में रहती है।

Breast Cancer Sirf Genetic Hota Hai

Stano के कैंसर के सिर्फ 5 से 10 फीसदी मामले ही अनुवांशिक होते है। 

जबकि 90 प्रतिशत स्तन कैंसर के मामले हमारी जीवनशैली में गड़बड़ी की वजह से होते है।

आनुवांशिक (Genetic) Breast कैंसर BRCA-1 और BRCA-2 जीन्स की वजह से होते है।

जेनेटिक कैंसर की आशंका होने पर समय-समय पर Checkup करवाते रहना चाहिए।

1. 21 साल की उम्र के बाद पेप-स्मीयर(Pap-smear) टेस्ट करवाना चाहिए। Pap Smear Test को Pap Test भी कहा जाता है।

इस Test का इस्तेमाल महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच करने के लिए किया जाता है।

Pap Smear टेस्ट में गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं से नमूना(Sample) लिया जाता है।

गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय का एक संकरा(Narrow) भाग होता है। 

जो गर्भाशय के आखिर में और Vagina के उपर स्थित होता है।

इस Test से गर्भाशय ग्रीवा कोशिकाओं में होने वाले बदलावों का पता चलता है जिससे यह पता चलता है। 

कि महिला के गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर है या नहीं, या फिर आगे आने वाले समय में होने की संभावना है।

2. 40 साल की उम्र के बाद Mammography Test करवाया जाता है।

मेमोग्राफी टेस्ट अक्सर Breast में Cancer का पता लगाने के लिए किया जाता है।   

यह Breast के X-Ray के जरिए Breast Cancer को बहुत आसानी से पहचान सकता है। इस Test को आप 40 साल की आयु से पहले भी करवा सकते है अगर आपको स्तन कैंसर का खतरा लगता हो तो।

Breast cancer ka ilaj kaise Kare in hindi 

3. 50 या 50 साल के बाद सिरम प्रोटेस्ट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट करवाना चाहिए।

PSA (Protest specific antigen) परीक्षण एक रक्त परीक्षण है।  जो मुख्य रूप से प्रोस्टेट कैंसर के लिए किया जाता है।

परीक्षण आपके रक्त में प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (PSA) की मात्रा को मापता है।

PSA प्रोस्टेट में कैंसर और गैर – कैंसर ऊतक दोनों द्वारा उत्पादित एक प्रोटीन है,

जो एक छोटी सी ग्रंथि है जो मनुष्य के मूत्राशय के नीचे होती है।

Stano Ke cancer ka Kya Karan Hai 

1. हालांकि स्तन कैंसर के सटीक कारण अस्पष्ट हैं, हम मुख्य जोखिम कारकों को जानते हैं।

फिर भी, स्तन कैंसर के लिए उच्च जोखिम वाले अधिकांश महिलाओं को यह नहीं मिलता है,

जबकि कई ज्ञात Risk कारक स्तन कैंसर विकसित नहीं करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण कारकों में उम्र बढ़ना और स्तन कैंसर का पारिवारिक इतिहास है। एक ऐसी महिला के लिए जोखिम बढ़ता है जिसे कुछ प्रकार के सौम्य स्तन गांठ होते हैं। और एक ऐसी महिला के लिए स्तन कैंसर की आशंका महत्वपूर्ण रूप से बढ़ जाती है। 

जिसको पहले स्तन या अंडाशय का कैंसर रहा था।

2. एक महिला जिसकी मां, बहन या बेटी को स्तन कैंसर था, बीमारी को विकसित करने की संभावना दो से तीन गुना अधिक है, खासकर अगर एक से अधिक प्रथम डिग्री रिश्तेदार प्रभावित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने पारिवारिक स्तन कैंसर के कुछ उदाहरणों के लिए ज़िम्मेदार दो जीनों की पहचान की है।

इन जीनों को BRCA-1 और BRCA-2 के रूप में जाना जाता है। 200 में से लगभग एक औरत जीन रखती है। उनमें से एक महिला को स्तन कैंसर का सामना करना पड़ता है। 

लेकिन यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि वह इसे इससे ग्रस्त होगी या नहीं।

3. आम तौर पर, 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को छोटी महिलाओं की तुलना में स्तन कैंसर होने की अधिक संभावना होती है, और रजोनिवृत्ति (Menopause) से पहले स्तन कैंसर होने की अफ्रीकी-अमेरिकी महिलाओं को कोकेशॉयड या यूरोपीड की तुलना में अधिक संभावना होती है।

Breast cancer ke Lakshan in Hindi 

  1. Breast-Shape में बदलाव आना :- आमतौर पर Pregnancy के दौरान या उम्र के साथ Breast में बदलाव आता है। लेकिन बिना कारण किसी तरह का बदलाव अगर आपको दिखाई दे तो सावधान हो जाइए। क्योंकि ये Breast Cancer का आगाज भी हो सकता है।
  2. Breast Skin में बदलाव आना :- Breast स्किन का मोटा होना या संतरे की छिलके की तरह त्वचा का होना Cancer का संकेत हो सकता है।
  3. Breast त्वचा का लाल, Rashes दिखना :- Nipple के इर्द-गिर्द या Breast की त्वचा पर लगातार Rashes दिखना या लाल होना। कई बार Bra या पसीने की वजह से भी ऐसा हो जाता है। लेकिन ज्यादा समय तक ऐसा होने पर लापरवाही न बरतें।
  4. Nipple का अंदर घुसना :- कुछ महिलाओं के Nipple अंदर की ओर घुसे हुए होते है इसमें कोई परेशानी वाली बात नहीं है। लेकिन अचानक Nipple अंदर की ओर घुस जाए या इसका Shape या Position बदल जाए तो कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।
  5. Breast में सूजन आना :- स्तनों में दर्द या स्तनों के आस-पास भी किसी सूजन या गांठ होने पर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। दरअसल Breast Tissue कॉलरबोन और आर्मपिट्स में भी होते है। ऐसे में इन जगहों पर भी अगर किसी तरह की सूजन हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
  6. स्तनों  में लगातार दर्द रहना :- स्तनों या बगल में लगातार हल्का-हल्का दर्द रहना भी चिंताजनक हो सकता है। कई बार हॉर्मोन में बदलाव के कारण भी स्तनों में दर्द होने लगता है। लेकिन ऐसी स्थिति में अगर दर्द लंबे समय तक रहता है तो देर ना करें तुरंत चिकित्सक से जांच करवाएं।
breast cancer ka ilaj in hindi

अगर हम अपने खाने-पिने पर काबू रख पाएं तो Breast Cancer से कुछ हद तक बचा जा सकता है इसलिए अब हम कुछ ऐसे फूड्स के बारे में जान लेते है जो Breast Cancer से दूर रखने में हमारी मदद करेंगें।

1. ब्रोकली (Broccoli) :- ब्रोकली में Tumor की ग्रोथ रोकने के गुण होते है।

इसके अलावा अन्य क्रूसीफेरस (Cruciferous) सब्जियां जैसे फूल गोभी, पत्ता गोभी, गांठ गोभी और केले में भी ऐसी क्षमता होती है। 

2. लहसुन (Garlic) :- आर्जिनिन(Arginine), फ्लेवोनोइड्स(flavonoids) और सेलेनियम(selenium) जैसे तत्व लहसुन में पाए जाते है।

जो स्वास्थ के लिए काफी लाभकारी होते है।

World Health Organization के मुताबिक रोजाना लहसुन की एक कली का सेवन करना चाहिए।

इसमें मौजूद एलिसिन तत्व एंटी Cancer Effect होता है जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने और एन्जाइम्स को Activate करने का काम करता है।

3. हल्दी का सेवन :- कई अध्ययनों में सामने आ चुका है कि हल्दी में एक सक्रिय तत्व कर्कुमिन होता है।जो Breast Cancer Tumor से लड़ने में मदद करता है।

इसके अतिरिक्त इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

4. सेब का सेवन :- रोजाना एक सेब का सेवन का स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

इसमें कैंसर में लड़ने के भरपूर गुण पाए जाते है।

5. अलसी का सेवन :- अलसी में Cancer की ग्रोथ को रोकने की शक्ति होती है।

इसे पानी में भिगोकर खाने से इसके पोषक तत्व आसानी से ग्रहण किए जा सकते है।

इसे Nuts और सूखे मेवों के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता है।

नोट :-
  1. Breast कैंसर के 5 से 10 प्रतिशत मामले ही आनुवांशिक (Genetic) होते है।
  2. 90 प्रतिशत Breast Cancer का कारण महिलाओं में उनका बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल बनता है।

Indian Institute for Health Matrix and Evolution के मुताबिक पिछले कुछ सालों में Breast Cancer के मामले बहुत बढ़ते जा रहे है। Breast में किसी भी तरह का बदलाव, लंबे समय तक दर्द, सूजन, Nipple का अंदर की ओर घुसना आदि लक्षण दिखने पर नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से सलाह मशविरा करें। Breast Cancer हो या किसी भी प्रकार का कैंसर हो हम सभी को जागरूक रहने की आवश्यकता है। 

और समय-समय पर अपने शरीर की जांच करवाते रहना चाहिए।

ताकि हम और हमारे चाहने वाले इस घातक बिमारी से सुरक्षित रह सकें।

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