Asambhav Kuchh Bhi Nahi Hai – अंसभव कुछ भी नहीं है

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नमस्कार दोस्तों ! आज हम दुनिया की उस सच्चाई के बारे में बात करेंगे जिसने लोगो के दिमाग़ में गलत फेमी पैदा कर रखी है कि इस दुनियाँ में कुछ काम करना अंसभव है।

पर दोस्तों ऐसा नहीं अंसभव कुछ भी नहीं है।
Asambhav Kuchh Bhi Nahi Hai - अंसभव कुछ भी नहीं है

 

Asambhav Kuchh Bhi Nahi Hai अंसभव कुछ भी नहीं है 

अंसभव इस दुनियाँ में कुछ नहीं होता है।दोस्त ये परिकल्पनाएँ खाली है और मैं आज आपको बहुत ईमानदारी से और

12 साल के तजुर्बे का निचोड़ निकाल के बता सकता हूँ। Nothing Is Impossible 

कि इस दुनियाँ में अंसभव नाम का कोई शब्द होता ही नहीं है।

किसी Dictionary में पाया जाता ही नहीं। कभी सुना लोगों के मुँह से ही सुना है। और ये दिमाग़ में ही रहता है। 

असल में अवतरित तब होता है जब अधिक बार सोचा जाता है।

जितनी बार आप अधिक सोचते है उतनी बार ये मजबूत हो जाता है। आप जितनी बार इसकी कल्पना ज़्यादा करते है। 

उतनी बार ये और मजबूती के साथ आपके सामने आ कर खड़ा हो जात्ता है।

लेकिन असल जीवन के अंदर इसकी कोई प्रजाति पाई नहीं जाती है। मैं आपको कुछ उदाहरण बताना चाहुँगा आज एक Quote है। 

कि एक मील दौड़ का रिकॉर्ड 4 मिनट से ज़्यादा का है।

उसे तोड़ना मानव के लिए अंसभव है। Andrew…. हैरी एंड्रयू  जो ब्रिटिश ओलम्पिक के कोच हुआ करते थे।

1903 में एक Statement दिया और ये ओलम्पिक 1903 के कोच थे, ब्रिटिश। 

Asambhav Kuchh Bhi Nahi Hai 

उन्होंने एक Statement दिया बहुत बड़ा कि मेरे हिसाब से (Accourding To Him)

ये लाइन उन्होंने लिखी और पूरी दुनिया में फैलायी। कि

एक मील दौड़ का रिकॉर्ड 4 मिनट से ज़्यादा का है। उसे तोड़ना मानव के लिए अंसभव है। 

ये हो नहीं सकता कि आदमी कभी भी इतना Capable हो जाएं। कि

4 मिनट के अंदर वो 1 मील Cross कर सके। ये Impossible है ये नहीं हो सकता है। This Is Next To Impossible. 

कि आदमी इतना सक्षम हो जाएं शारीरिक रूप से कि वो

1 मील की यात्रा 4 मिनट से पहले ख़त्म कर दे। लेकिन ये किसी बेबकुफ़ ने ये बात सुनी नहीं। और निकल के आए Roger Benister. 

Roger Benister ने 4 मिनट की यात्रा 3 मिनट 59 Second

और 4 मिली Second में पूरा करके World Record बनाया।

दुनिया में जो चीज़ कभी नहीं हुई थी। Roger Benister ने इसे प्रूफ किया। 

कि नहीं, Asambhav इस  दुनियाँ  में Kuchh Nahi होता।

पूरे अख़बार पूरी किताबें छप गई इनके नाम से कि Roger Benister ने वो कर दिया। जो आज तक इतिहास में नहीं हुआ। 

और ब्रिटिश ओलंपिक का जो कोच था उसको झूठा साबित कर दिया।

जो अपने आप में कहा जाता था महानतम कोच में से एक है। और ये Claim करता था कि मानव के अंदर इतनी शक्ति पैदा नहीं हुई आज तक। 

कि वो 1 मील की यात्रा 4 मिनट से पहले कर सके।

दोस्तों जब भी कोई बात कही जाती है। बड़े प्रमाणिक तौर के साथ तो बाकी सब लोगो में सशंय होना स्वाभिक होता है। 

कि अब ये Asambhav हो गया, ये अब हो नहीं सकता है।

और तब तक नहीं हुआ जब तक एक व्यक्ति ने नहीं किया। 

Roger Benister निकल के आए 1954 के अंदर और 1954 के अंदर उन्होंने वो कीर्तिमान बनाया। 

अंसभव कुछ भी नहीं है 

और आप जान के हैरान हो जायेंगे कि 1954 तक ये अंसभव था कि

कोई व्यक्ति एक मील 4 मिनट से पहले कर सकता था। बहुत लोगों ने Try किया Fail हो गए। क्योंकि दिमाग में Andrew कोच गूँजते थे। 

वो ब्रिटिश का कोच था उसकी बात दिमाग में गूंजती थी। कि

ये तू कर नहीं सकता जिस काम को तूने चालू किया है। लेकिन आप जान के हैरान हो जायेंगे। 

कि ठीक इसके 10 वर्ष के बाद यानी 1964 के अंदर,

एक स्कूल जाने वाला एक लड़का Jim Ryun करके इसके रिकॉर्ड को भी तोड़ के भाग गया आगे।

वो इसके रिकॉर्ड से भी आगे निकल गया जो 3:59:004 था। 

वो 3:59:00 तक रह गया, स्कूल जाने वाले लड़के ने दस साल के बाद इसका रिकार्ड भी तोड़ दिया।

क्योंकि जब वह लड़का ट्रैक पर दौड़ा तो उसके दिमाग़ में वो ओलंपिक का कोच था इसकी बात दिमाग में नहीं थी। 

उसके दिमाग में यह था Roger Benister कर सकता है तो

मैं भी कर सकता हूँ। If one can do I can do.Nothing Is Impossible दोस्तों मैं आपको बताना चाहूँगा 2963 One Day लग गए। 

पहली डबल सेंचुरी मारने के लिए सचिन तेंदुलकर को 2963 ODI खेलें जा चुकें है।

जब तक One Day International में 200 Score नहीं हुआ था। In February 2010 सचिन तेंदुलकर ने International Cricket में 200 Score किया। 

पहले सोचा जाता था कि Oneday के अंदर 200 रन एक व्यक्ति बनाए,

ये  Asambhav है। It Is Impossible और इसी Impossible Thought को लेकर हर team मैदान में उतरती थी 50 ओवर का मैच खेलने के लिए उतरा जाता था। 

कोई 300 बनाता था तो बहुत बड़ी बात हो जाती थी कोई Team 350 कर देती थी

तो कमाल हो जाता था। कोई 400 कर देती थी तो और बवाल हो जाता था। हां कोई व्यक्ति सेंचुरी बनता था ये बात Normal थी। 

दोस्तों दुनिया में अंसभव कुछ भी नहीं है 

सवा सौ बना लेता था 150 तक पहूंच जाता था लेकिन ये एक Myth था की

International Cricket वनडे में कोई भी आदमी कभी भी जिंदगी में 200 रन नहीं कर सकता था।

और इस Myth को तोड़ने के लिए दोस्तों 1963 में वनडे इंटरनेशनल लग गए। 

और सचिन तेंदुलकर ने इसको जब 2010 में Break किया

February के अंदर एक आशा जगी एक उम्मीद जगी और आप जान के हैरान हो जायेंगे इस घटना के 16 ही महीने के बाद

सिर्फ़ 250 वनडे के गैप के अंदर सहवाग ने इसको भी Break कर दिया। 

सिर्फ़ 250 वनडे लगे only 250 one day मैच।

पहला जो Myth था जो असंभव था उसको break होने में करीब करीब 3000 वनडे लगे।

लेकिन इसी बात को तोड़ने में फिर.. सिर्फ़ 250 वनडे सहवाग ने इसको तोड़ दिया।  

क्योंकि जब सहवाग या सहवाग जैसे और प्लेयर तेंदुलकर के 200 करने के बाद मैदान में उतरते थे।

उनके दिमाग में एक बात गूंजती थी की एक ने कर दिया तो दूसरा कर सकता है। If one can do other can.

और में आपको बता दू उसके बाद रोहित शर्मा ने दो बार किया। क्रिस गिल ने किया,

मार्टिन गुप्टिल ने किया। 6 दोहरे शतक तब से लेकर 2010 से लेकर 2017 तक लग गए 6 और पहले की क्रिकेट हिस्ट्री के अंदर 50 साल में एक भी नहीं लगा था। 

अंसभव नाम की कोई वस्तु नहीं होती है 

क्योंकि लोगो को लगता था ये असंभव है ये नहीं हो सकता जब तक नहीं हुआ होता है

तब तक लगता है नहीं हो सकता,जब हो जाता है तो बाकी लोगो को एक उम्मीद दिखती है। कि बाकी लोगो ने किया है तो हम भी कर सकते है। 

इंसान कभी चन्द्रमा पर नहीं पहुँच सकता। पृथ्वी विज्ञानं की अधिकतम सीमा है Dr. Lee de Forest महशूर वैज्ञानिक हुए, बहुत बड़े साइंटिस्ट हुए।

एक Statement इन्होंने पास किया 1955 के अंदर की इंसान कभी चंद्रमा पर नहीं पहुँच पाएगा। 

It is impossible for a human being to cross earth Globe. पृथ्वी विज्ञान की अधिकतम सीमा है।

लेकिन किसी बहरे ने इसे सूना नहीं और पहुँच गया एक आदमी अपना बस्ता उठाके जिसका नाम था। Neil Armstrong in 1969.

उसके बाद तो स्पेस Journey ऐसी हो गई जैसे आप और मैं अभी Patya Or Bangkok चले जाते है।

लेकिन आज से जब तक नहीं हुआ था तो लोगो को लगता था कि ये असंभव है। 

दोस्तों मेरे हिसाब से इस दुनिया में असंभव कुछ नहीं है।

ये दुनिया उदाहरण से भरी पड़ी है Lord Kelvin बहुत बड़े वैज्ञानिक हुए उनका Statement आया सिर्फ पक्षी उड़ान भर सकते है। 

हवा से भारी मशीन का उड़ान भरना असंभव है। It is impossible कि हवा से कुछ भी भारी हो और वो उड़ सके। क्योंकि ग्रेविटी उसे गिरा देगा।

लेकिन तमाचा मारा इन लोगो ने Wright Brothers तमाचा मारा और लिख के दिया की हमने साईकिल के Spare पार्ट्स से इंसानो को पक्षी बना दिया।

Asambhav Kuchh Bhi Nahi Hai   

साईकिल के Spare पार्ट्स से इंसानो को पक्षी बना दिया। 16 साल लगे   Wright Brothers को जहाज़ का निर्माण करने में।

लेकिन इन लोगो ने इनकी बात नहीं सुनी कि जो कहते थे कि वायु का सिंद्धांत तुम्हारे विपरीत है। 

ये बात भवरे को कही जाती थी कि भवरा वायु के सिंद्धात के कारण कभी जीवन में उड़ नहीं सकता।

क्योंकि उसके पंख उसके शरीर से हल्के रहते है लेकिन भवरा साला किसी स्कूल में गया नहीं आज तक। 

भवरे को ये बात पता ही नहीं, मस्त उड़ता है।

वायु का सिंद्धात बोलता है तू जिंदगी में नहीं उड़ सकता है।

क्योंकि तेरा शरीर तेरे पंखो से बहुत भारी होता है लेकिन वो किसी युनिवर्सिटी में थोड़ा न जाता है। 

जहाँ पर पढ़ाया जाता है। कि You Can’t Do This Take Education & Go To Job. School में वही Feeding किया जाता है।

लेकिन भवरा अगर स्कूल में गया होता कभी तो उसको बोला जाता। 

तू नहीं कर सकता, तेरे बस की नहीं है, तू Attempt मत करियो। क्योंकि Principle ही नहीं है ना, Science तुझे Allow नहीं करता।

अच्छा है वो किसी स्कूल में नहीं गया, मस्त उड़ता है। 

IMPOSSIBLE को POSSIBLE बहुत से लोगों ने बनया है  TO BE CONTINUED….


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Final Word

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